मित्रो सादर ब्लॉगस्ते! आप यहाँ तक आएँ हैं तो निराश होकर नहीं जाएँगे I यहाँ आपको 99% उत्कृष्ट लेखन पढ़ने को मिलेगा I सादर ब्लॉगस्ते पर प्रकाशित रचनाएँ संपादक, संचालक अथवा रचनाकार की अनुमति के बिना कहीं और प्रकाशित करने का प्रयास न करें I अधिक जानकारी के लिए shobhanawelfare@gmail.com पर संपर्क करें I
Showing posts with label सुमित. Show all posts
Showing posts with label सुमित. Show all posts
Tuesday, March 22, 2016
Sunday, September 27, 2015
कविता : खूनी दरवाजा
दिल्ली गेट के पास
इतिहास के दुःख भरे पलों को
अपने सीने में दबाए
उदास गुमसुम सा
खड़ा है खूनी दरवाजा
जब भी सुनता है
कोई अनजान सी आहट तो
हो उठता है चौकन्ना
और अपने विशाल शरीर को
कड़ा कर मजबूत करने लगता है
कुछ देर बाद
अपने इस प्रयास में
असफल होने पर
सुबकने लगता है खूनी दरवाजा
उसे अचानक याद आते हैं वो क्षण
जब आजादी की चाह में
बादशाह ने फूँका था
विद्रोह का बिगुल
बदले में बादशाह ने
पाया था निर्वासन
और उसके शहजादों को
इसी दरवाजे पर
सरेआम भून दिया था
सफ़ेद शैतानों ने गोलियों से
उन हत्यारे पलों को
याद करते हुए
खूनी दरवाजा बेबसी से
तड़पने लगता है
फिर अचानक गर्वित हो
खड़ा हो जाता है तन कर
और माँग करता है कि
जब बदल दिए गए
कई शहरों, सड़कों और
मोहल्लों के नाम
तो क्यों न
उसका भी नाम बदला जाये
और खूनी दरवाजा में
दरवाजे को ज्यों का त्यों
बेशक रखा जाये लेकिन
खूनी के बदले कर दिया जाये
शहीद या फिर क़ुरबानी
तब खूनी दरवाजा
शहीद दरवाजा या क़ुरबानी दरवाजा हो
रहेगा सदा ही गर्व से तना
और करेगा स्वागत
हर राहगीर का
उत्साह और प्रफुल्लता से।
लेखक : सुमित प्रताप सिंह
Sunday, April 13, 2014
बाल गीत : सेहत सबसे बड़ा धन
(यह बाल गीत हमारे प्रिय मित्र योगी ठाकुर को आज उनके जन्मदिन के अवसर पर सप्रेम समर्पित है.)
सेहत है प्यारे बच्चो
सबसे बड़ा धन
स्वस्थ तन ही में
होता स्वस्थ मन
जल्दी सोओ
जल्दी जागो
आलस्य को तुम
बिलकुल त्यागो
रोनी सूरत छोड़के
रहो सदा प्रसन्न
सेहत है...
सेहत का अपनी तुम
धरो हमेशा ध्यान
सुबह-सवेरे या संध्या को
करो नित्य तुम व्यायाम
कसरत से बनता है
लोहे जैसा तन
सेहत है...
बाहर का उल्टा-सीधा
कभी भी कुछ खाना नहीं
इन्हें देख प्यारे बच्चो
कभी भी ललचाना नहीं
'सुमित' निरोगी रहता वो
जो करे स्वच्छ भोजन
सेहत है...
सुमित प्रताप सिंह
इटावा, नई दिल्ली, भारत
Subscribe to:
Posts (Atom)



